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कार की तलाशी में खुला करोड़ों का राज, सड़क पर दौड़ रही थी दौलत से भरी गाड़ी! अयोध्या में साढ़े 3 कुंतल चांदी और सोना बरामद

by on | 2026-07-17 23:31:02

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कार की तलाशी में खुला करोड़ों का राज, सड़क पर दौड़ रही थी दौलत से भरी गाड़ी! अयोध्या में साढ़े 3 कुंतल चांदी और सोना बरामद

अयोध्या/लखनऊ: अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जीएसटी (GST) विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए हैं। रोनाही टोल प्लाजा पर घेराबंदी कर रोकी गई एक स्पोर्ट्स कार की तलाशी के दौरान करीब साढ़े 3 कुंतल चांदी, चांदी के आभूषण और सोने के जेवर बरामद हुए। वाहन में मौजूद व्यक्ति मौके पर सामान से जुड़े कोई भी वैध बिल या टैक्स इनवॉइस पेश नहीं कर सका, जिसके बाद विभाग ने पूरी खेप को अपने कब्जे में ले लिया है।

गुप्त सूचना पर टोल प्लाजा पर बिछाया जाल

​विभागीय सूत्रों के अनुसार, जीएसटी अधिकारियों को गुरुवार दोपहर एक पुख्ता सूचना मिली थी कि लखनऊ-अयोध्या हाईवे के रास्ते बिना वैध दस्तावेजों के भारी मात्रा में कीमती धातुओं का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही सतर्क हुए विभाग ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर तत्काल एक संयुक्त रणनीति तैयार की। रोनाही टोल प्लाजा पर विशेष मोबाइल चेकिंग अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान संदेह के आधार पर एक तेज रफ्तार स्पोर्ट्स कार को रोककर जब उसकी सघन तलाशी ली गई, तो अधिकारी भी दंग रह गए। कार के भीतर भारी मात्रा में चांदी और सोने के आभूषण छिपाकर ले जाए जा रहे थे।

दस्तावेज न मिलने पर माल जब्त, कोषागार भेजने की तैयारी

​मामले की जानकारी देते हुए राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त (ग्रेड-1) बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि वाहन चालक और उसमें सवार व्यक्ति से बरामद आभूषणों के संबंध में बिल, टैक्स इनवॉइस या परिवहन से जुड़े जरूरी कागजात मांगे गए थे। हालांकि, मौके पर कोई भी वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

​"चूंकि मौके पर कोई दस्तावेज नहीं मिले, इसलिए नियमानुसार पूरी खेप को जब्त कर लिया गया है। संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर तय समय सीमा के भीतर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा कारणों से इस पूरे माल को सरकारी कोषागार (Treasury) में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।" - बृजेश कुमार मिश्रा, अपर आयुक्त (ग्रेड-1)

​विभाग का रुख साफ है कि यदि निर्धारित समय के भीतर वैध दस्तावेज नहीं सौंपे गए, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मुजफ्फरनगर में भी पकड़ा गया फर्जी फर्म का खेल

​जीएसटी विभाग की यह सख्ती केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है। इससे पहले उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग की खतौली मोबाइल टीम ने मुजफ्फरनगर में अंतरराज्यीय जीएसटी चोरी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया था।

फर्जी ई-वे बिल: मेरठ के मटौर स्थित एक कथित फर्जी फर्म के नाम पर ई-वे बिल जेनरेट किया गया था।


माल की जब्ती: टीम ने करीब 20 लाख रुपये मूल्य के 10,070 किलोग्राम लेड इनगॉट्स (Lead Ingots) से लदे एक वाहन को सीज किया।


अंतरराज्यीय कनेक्शन: यह माल मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर से हरियाणा भेजा जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा की DGGI और मेरठ SIB के संयुक्त आयुक्त को भी इसकी रिपोर्ट भेजी गई है।


जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

​जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि कर चोरी पर लगाम लगाने और राजस्व की सुरक्षा के लिए हाईवे पर मोबाइल चेकिंग और सख्त निगरानी का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल अयोध्या मामले में बरामद सोने-चांदी के वास्तविक मालिक, इसके परिवहन के मुख्य उद्देश्य और टैक्स चोरी के पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज कागजी लापरवाही का मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा टैक्स चोरी का नेटवर्क काम कर रहा था।



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