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प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप यादव: 'जनहित' और 'भविष्य की राजनीति' पर हुई गहन चर्चा; क्या बिहार में बनेगा कोई नया समीकरण?

by on | 2026-04-23 10:36:21

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प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप यादव: 'जनहित' और 'भविष्य की राजनीति' पर हुई गहन चर्चा; क्या बिहार में बनेगा कोई नया समीकरण?

पटना | बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार की रात एक ऐसी मुलाकात हुई, जिसने न केवल राजद बल्कि एनडीए गठबंधन के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। राजद नेता तेज प्रताप यादव अचानक जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर के आवास (शेखपुरा हाउस) पहुंचे। करीब एक घंटे तक चली इस बंद कमरे की बातचीत के बाद तेज प्रताप के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने आग में घी डालने का काम किया है।

​1. "राजनीति में बदलाव का इशारा"

मुलाकात के बाद तेज प्रताप यादव ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:

​गहन चर्चा: "आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा। मेरी मुलाकात प्रशांत किशोर जी से हुई, जहां हमने जनहित और भविष्य की राजनीति को लेकर गहन चर्चा की।"

​बदलते समीकरण: तेज प्रताप ने साफ किया कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से बात हुई है।

​2. मुलाकात के सियासी मायने: क्यों है चर्चा?

​2025 के नतीजों का असर: 2025 के विधानसभा चुनावों में जन सुराज और तेज प्रताप (निर्दलीय/बागी गुट) का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। माना जा रहा है कि दोनों नेता अब एक 'कॉमन ग्राउंड' तलाश रहे हैं।

​राजद के भीतर दरार?: तेज प्रताप की अपनी ही पार्टी के कुछ फैसलों से नाराजगी छिपी नहीं है। पीके के साथ उनकी नजदीकी को राजद के भीतर 'दबाव की राजनीति' के रूप में देखा जा रहा है

​नई रणनीति: प्रशांत किशोर लगातार बिहार में 'तीसरे विकल्प' की बात कर रहे हैं। क्या तेज प्रताप उस विकल्प का चेहरा बन सकते हैं? यह सवाल अब हर किसी की जुबान पर है।

क्या PK बदलेंगे बिहार की रीत?

प्रशांत किशोर धीरे-धीरे उन चेहरों को अपने साथ जोड़ रहे हैं जो अपनी मौजूदा पार्टियों में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। तेज प्रताप यादव का मास बेस और पीके की रणनीति अगर साथ आती है, तो यह बिहार में एक 'अपेक्षित राजनीतिक भूकंप' हो सकता है।



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