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सफेद बालू के खेल में छलनी हो रहा गंगा का कलेजा, कुल्हड़ियां में माफियाओं का 'नंगा नाच'

by on | 2026-02-27 22:16:44

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सफेद बालू के खेल में छलनी हो रहा गंगा का कलेजा, कुल्हड़ियां में माफियाओं का 'नंगा नाच'

नरही (बलिया)। प्रदेश की योगी सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस की नीति का ढिंढोरा पीट रही हो, लेकिन बलिया के नरही थाना क्षेत्र में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। यहाँ प्रशासन की नाक के नीचे कुल्हड़ियां गांव के पास गंगा की गोद को बेरहमी से चीरा जा रहा है। आलम यह है कि सूरज ढलते ही गंगा के शांत तट पर जेसीबी मशीनों की गर्जना और ट्रैक्टर-ट्रालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो जाती है, जो पूरी रात अनवरत जारी रहती है।

10 फीट गहरे जख्म: माफियाओं का बढ़ा 'काकस'

​बेबाक 24 की पड़ताल में सामने आया है कि कुल्हड़ियां गांव के सामने गंगा नदी में कई एकड़ क्षेत्रफल को बालू माफियाओं ने खदान में तब्दील कर दिया है। मानक और नियमों को ताक पर रखकर माफिया मशीनों से 10 फीट तक गहरी खुदाई कर रहे हैं। इस बेखौफ खनन से न सिर्फ प्राकृतिक तट रेखा नष्ट हो रही है, बल्कि तटवर्तीय गांवों पर अस्तित्व का संकट मंडराने लगा है।

पुलिसिया साठगांठ का आरोप: करोड़ों की योजनाएं दांव पर

​स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह काला खेल पुलिस की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार गंगा के कटान को रोकने के लिए लाखों-करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ बालू माफिया अवैध खनन कर उन योजनाओं की नींव खोद रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि कागजी कार्रवाई के बजाय स्थलीय निरीक्षण कर इस लूट को तत्काल रोका जाए।

पट्टा कहीं और, दोहन कहीं और! सोहांव में भी मानक तार-तार

​सिर्फ कुल्हड़ियां ही नहीं, बल्कि सोहांव के पास चल रहा खनन कार्य भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोग दबी जुबान से बताते हैं कि यहाँ खनन का पट्टा कहीं और आवंटित है, लेकिन माफिया अपनी मर्जी से किसी भी क्षेत्र का सीना छलनी कर रहे हैं। 'पट्टा कहीं, दोहन कहीं' का यह खेल अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

बेबाक टिप्पणी:

जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो गंगा मैया को कौन बचाए? रात भर चलने वाला यह 'सफेद खेल' क्या वाकई प्रशासनिक अफसरों की नजरों से ओझल है या फिर अंधेरे में बहती 'मलाई' ने सबकी आंखों पर पट्टी बांध दी है?



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