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शिवमय हुई काशी: विश्वनाथ धाम में 'नृत्य भारती' की थाप पर थिरके महादेव के भक्त!

by on | 2026-02-14 18:37:05

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शिवमय हुई काशी: विश्वनाथ धाम में 'नृत्य भारती' की थाप पर थिरके महादेव के भक्त!


सन्तोष राय

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में महाशिवरात्रि महोत्सव के चौथे दिन भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर कोई 'शिवमय' हो गया। श्री काशी विश्वनाथ धाम के विशाल प्रांगण में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने न केवल दर्शकों का मन मोहा, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि काशी की सनातन परंपरा आज भी अपनी पूरी दिव्यता के साथ जीवंत है।

दीप प्रज्वलन के साथ आध्यात्मिक शंखनाद

कार्यक्रम का विधिवत आगाह मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विश्व भूषण मिश्र और माता अन्नपूर्णा मंदिर के महंत श्री शंकर पूरी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान मंत्रोच्चार और शिव के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान रहा।

नृत्य की भंगिमाओं में दिखे शिव के रूप

शाम की सबसे बड़ी विशेषता All India Music Dance Artists Association (AIMDA) के सहयोग से हुई विशेष नृत्य प्रस्तुति रही। मंगलुरु की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना विदुषी श्रीमती गीता सरलाया और उनकी संस्था ‘नृत्य भारती’ के कलाकारों ने जब मंच संभाला, तो मानो समय थम गया।

 * शास्त्रीय गरिमा: कलाकारों ने अपने सधे हुए कदमों और मुद्राओं से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की श्रेष्ठता को जीवंत किया।

 * अद्भुत तालमेल: नृत्य, लय और आध्यात्मिक भावों के अनूठे संगम ने वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 बेबाक टिप्पणी: काशी विश्वनाथ धाम का यह भव्य आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आधुनिकता और सनातन विरासत के मिलन का सशक्त प्रमाण है।


विरासत की गूँज

यह चतुर्थ दिवस की संध्या कला प्रदर्शन से कहीं ऊपर उठकर काशी की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक चेतना का मंच बनी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कलाकारों का उत्साह यह बताने के लिए काफी था कि बाबा की नगरी में भक्ति की धारा आज भी उतनी ही वेगवती है।




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