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बारामती उपचुनाव: कांग्रेस का बड़ा कदम, पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार को 'श्रद्धांजलि' के रूप में नहीं लड़ेगी चुनाव; सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत की राह आसान

by admin@bebak24.com on | 2026-04-09 21:33:34

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बारामती उपचुनाव: कांग्रेस का बड़ा कदम, पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार को 'श्रद्धांजलि' के रूप में नहीं लड़ेगी चुनाव; सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत की राह आसान

मुंबई | महाराष्ट्र की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में से एक, बारामती के उपचुनाव में एक बड़ा और भावनात्मक मोड़ आया है। कांग्रेस पार्टी ने इस उपचुनाव से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नाथाला ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि के तौर पर लिया गया है। कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे अब अपना नामांकन वापस लेंगे।

1. क्यों झुक गई कांग्रेस? (मर्यादा और मांग)

अजित पवार के दुखद निधन के बाद बारामती सीट खाली हुई थी। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को किनारे रखते हुए कांग्रेस ने संवेदनशीलता का परिचय दिया है:

दिग्गजों की अपील: शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार ने सभी दलों से अपील की थी कि इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाए।

सम्मान का संदेश: कांग्रेस का मानना है कि अजित पवार का इस क्षेत्र में 8 बार विधायक रहना और उनका कद ऐसा था कि उनके निधन के तुरंत बाद राजनीतिक मुकाबला करना उचित नहीं है।

2. सुनेत्रा पवार की बढ़ी ताकत

अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनकी पत्नी और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार मैदान में हैं।

विकास की विरासत: नामांकन दाखिल करने के बाद सुनेत्रा पवार ने कहा कि वह "अजित दादा" के विकास कार्यों को रुकने नहीं देंगी।

निर्विरोध की संभावना: कांग्रेस के हटने के बाद अब सुनेत्रा पवार के निर्विरोध चुने जाने की संभावनाएं काफी प्रबल हो गई हैं, बशर्ते कोई अन्य बड़ा निर्दलीय उम्मीदवार चुनौती न दे।

3. संजय राउत का तीखा हमला: "मौका गंवा दिया"

जहाँ एक ओर कांग्रेस ने नरमी दिखाई है, वहीं शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं:

FIR की मांग: राउत ने कहा कि अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत के मामले में FIR दर्ज कराने का यह सबसे बड़ा मौका था। विपक्ष को नामांकन वापसी के बदले जांच की शर्त रखनी चाहिए थी।

सरकार पर निशाना: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस हादसे की जांच को लेकर गंभीर नहीं है और खुद सुनेत्रा पवार को भी इस मुद्दे पर मुखर होना चाहिए था।



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