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अमित शाह का 'चाणक्य' दांव: 15 दिनों तक बंगाल में करेंगे कैंप; आज से शुरू होगा सांगठनिक बैठकों का दौर, बूथ स्तर तक की किलेबंदी पर नज़र

by on | 2026-04-05 21:08:55

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अमित शाह का 'चाणक्य' दांव: 15 दिनों तक बंगाल में करेंगे कैंप; आज से शुरू होगा सांगठनिक बैठकों का दौर, बूथ स्तर तक की किलेबंदी पर नज़र

कोलकाता| भारतीय जनता पार्टी के मुख्य रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की सत्ता से ममता बनर्जी को बेदखल करने के लिए 'अंतिम प्रहार' शुरू कर दिया है। 2 अप्रैल को शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान कोलकाता की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन करने के बाद, शाह ने घोषणा की थी कि वे अगले 15 दिनों तक बंगाल में ही रुकेंगे। आज से उनके इस प्रवास का सांगठनिक चरण शुरू हो रहा है, जिसमें वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद करेंगे।

1. आज का मिशन: 'क्लोज डोर' सांगठनिक बैठकें

अमित शाह आज कोलकाता में भाजपा के राज्य चुनाव कार्यालय में कई महत्वपूर्ण बैठकें करने वाले हैं:

 • रणनीति का रिव्यू: पिछले कुछ दिनों में जारी की गई 'चार्जशीट' और जनता की प्रतिक्रिया का आकलन।

 • बूथ प्रबंधन: 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' अभियान के तहत हर विधानसभा क्षेत्र की जमीनी रिपोर्ट लेना।

• शुभेंदु की घेराबंदी: भवानीपुर सीट (जहाँ से ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं) पर शुभेंदु अधिकारी के प्रचार अभियान को धार देना। शाह ने कहा है कि "परिवर्तन का रास्ता भवानीपुर से ही होकर गुजरता है।"

2. 15 दिन का मास्टरप्लान: क्या है शाह का लक्ष्य?

अमित शाह का यह प्रवास केवल रैलियों तक सीमित नहीं है। उनके इस 15 दिनी मिशन के 3 मुख्य स्तंभ हैं:

 • सीधा संवाद: शाह ने स्पष्ट किया है कि वे इस बार 'हर किसी से बात करना चाहते हैं' (Direct Communication), ताकि कार्यकर्ताओं के भीतर की नाराजगी या कमियों को दूर किया जा सके।

 • 170 सीटों का जादुई आंकड़ा: भाजपा ने बंगाल में सरकार बनाने के लिए 170+ सीटों का लक्ष्य रखा है। शाह खुद जिलों के प्रभारियों के साथ बैठकर जिलेवार रणनीति तय करेंगे।

 • करप्शन और हिंसा पर प्रहार: 'टोलबाजी', भ्रष्टाचार और संदेशखाली-मालदा जैसी हिंसा की घटनाओं को चुनावी विमर्श के केंद्र में बनाए रखना।

3. TMC का 'पर्यटक' वार और भाजपा का जवाब

अमित शाह के 15 दिन रुकने के फैसले पर टीएमसी (TMC) ने कटाक्ष करते हुए उन्हें 'चुनावी पर्यटक' करार दिया है। इसके जवाब में भाजपा का कहना है कि शाह का यहाँ रहना यह साबित करता है कि भाजपा बंगाल की जनता की सुरक्षा और भविष्य के प्रति कितनी गंभीर है।

क्यों अहम है यह प्रवास?

2021 के चुनाव में भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई थी, लेकिन 2026 में अमित शाह खुद 'ग्राउंड जीरो' पर कमान संभाल रहे हैं। 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले, गृह मंत्री का यह प्रवास उन क्षेत्रों (जैसे दक्षिण बंगाल और कोलकाता) में भाजपा की पकड़ मजबूत करने के लिए है जहाँ टीएमसी पारंपरिक रूप से मजबूत रही है।

अमित शाह का संकल्प: "मैं 15 दिनों तक आपके बीच हूँ। यह समय केवल चुनाव लड़ने का नहीं, बल्कि बंगाल के अस्तित्व को घुसपैठ और हिंसा से बचाने का है।



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