ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

BHU में भारी बवाल: अपनी ही मांगों के लिए दर-दर भटक रहे शिक्षक, बेबाक 24 की खास रिपोर्ट

by on | 2026-04-02 16:27:48

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3024


BHU में भारी बवाल: अपनी ही मांगों के लिए दर-दर भटक रहे शिक्षक, बेबाक 24 की खास रिपोर्ट

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU), जिसे महामना ने संस्कारों और शिक्षा के केंद्र के रूप में सींचा था, आज वहां का माहौल अशांत है। यह अशांति किसी बाहरी तत्व की नहीं, बल्कि उन शिक्षकों की है जो सालों से अपनी मेहनत का हक मांग रहे हैं। आज बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय का जो नजारा था, उसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिक्षकों का धैर्य जवाब दे गया, छात्रों ने भरी हुंकार

लंबे समय से लंबित प्रमोशन और इंक्रीमेंट की मांगों को लेकर शिक्षकों का गुस्सा आज फूट पड़ा। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने केंद्रीय कार्यालय का घेराव किया। मामला तब और गरमा गया जब देर रात छात्रों को इसकी भनक लगी। अपने गुरुओं के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए छात्र भी मैदान में उतर आए। प्राक्टोरियल बोर्ड ने जब छात्रों को रोकने की कोशिश की, तो तीखी बहस और धक्का-मुक्की ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।

ये हैं वो मांगें, जिन पर प्रशासन ने मूंद रखी हैं आंखें:

शिक्षकों का दर्द गहरा है। उनकी प्रमुख मांगें कुछ इस प्रकार हैं:

  • नोशनल इंक्रीमेंट: अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों की तर्ज पर इसे तुरंत लागू किया जाए।
  • पास्ट सर्विस काउंट: पुरानी सेवाओं की गणना में हीलाहवाली बंद हो।
  • प्रमोशन का वनवास: मेडिकल कॉलेज में DACP के तहत प्रमोशन की बाधाएं दूर हों। कई शिक्षक 10 से 20 साल से एक ही पद पर अटके हैं।
  • PDF निपटारा: पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान।

डिप्टी रजिस्ट्रार पर सीधा निशाना, नियमों के खेल का आरोप

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने सीधे तौर पर डिप्टी रजिस्ट्रार वेलु ए. पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षकों का कहना है कि नियमों की गलत व्याख्या करके जानबूझकर उनके करियर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रेवांस कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और उसे सही तरीके से आगे न बढ़ाने को लेकर भी भारी नाराजगी है।

प्रशासन का 'लॉलीपॉप' या ठोस समाधान?

हंगामा बढ़ता देख प्रशासन ने सफाई दी है कि नोशनल इंक्रीमेंट का मामला UGC को भेज दिया गया है। लेकिन शिक्षक अब कोरे आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है— "अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह लड़ाई बनारस से निकलकर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक जाएगी।"



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment