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UP कॉलेज मर्डर मिस्ट्री: 6 दिन का 'मौन' और प्राचार्य का बड़ा 'दांव', क्या है CCTV का असली सच?

by on | 2026-03-27 20:30:53

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UP कॉलेज मर्डर मिस्ट्री: 6 दिन का 'मौन' और प्राचार्य का बड़ा 'दांव', क्या है CCTV का असली सच?

वाराणसी: यूपी कॉलेज का वो खूनी बुधवार (20 मार्च), जिसने पूरे पूर्वांचल को दहला दिया था, अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद से आरोपों के घेरे में रहे कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीके सिंह ने आखिरकार 6 दिन बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। लेकिन सवाल ये है कि क्या प्राचार्य की ये 'सफाई' आक्रोशित छात्रों के गुस्से को शांत कर पाएगी?

"मैं भागा नहीं था, मेरी गाड़ी में तड़प रहा था छात्र"

प्राचार्य डॉ. सिंह ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि वे वारदात के बाद मौके से भाग निकले थे। उन्होंने  अपना पक्ष रखते हुए कहा:

"गोलियों की तड़तड़ाहट सुनते ही मैं विज्ञान संकाय के पोर्टिको से मौके पर पहुंचा। मैं कहीं भागा नहीं था, बल्कि घायल सूर्य प्रताप को मेरी ही निजी गाड़ी से अस्पताल भेजा गया था। प्रोफेसर मनोज सिंह और तीन छात्र उसे लेकर गए थे। मैंने खुद 11:15 बजे पुलिस को सूचित किया था।"


कॉल रिकॉर्ड की खुली चुनौती!

छात्रों के बीच ये चर्चा आम थी कि प्राचार्य ने ही सूर्य प्रताप को फोन करके कॉलेज बुलाया था। इस पर डॉ. सिंह ने आर-पार की जंग छेड़ते हुए कहा कि "अगर किसी के पास कॉल रिकॉर्ड है तो दिखाए।" उन्होंने साफ किया कि उस दिन छात्र मिड-टर्म बैक फॉर्म भरने आया होगा, उनकी कोई बातचीत नहीं हुई थी।

वारदात का फ्लैशबैक: वो 1818 गैंग और एक शर्ट की बांह!

इस हत्याकांड ने पूरे कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है:

 * वजह: महज शर्ट की बांह फोल्ड करने जैसा मामूली विवाद।

 * आरोपी: मंजीत चौहान, जो खुद को सोशल मीडिया पर '1818 गैंग' का सरगना बताता था।

 * अंजाम: भागते वक्त छत से कूदा, पैर टूटा और अब सलाखों के पीछे है।

एक्शन मोड में प्रशासन: मंजीत का होगा 'द एंड'

प्राचार्य ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है:

 * बर्खास्तगी: प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक के बाद मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को कॉलेज से हमेशा के लिए निष्कासित किया जाएगा।

 * अफवाहों पर लगाम: सोशल मीडिया पर प्राचार्य को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

 * अपील: "संस्थान में पढ़ाई पर ध्यान दें, मतभेद रखें पर मनभेद नहीं।"

 बेबाक 24 का तीखा सवाल:

प्राचार्य ने अपनी सफाई तो दे दी, लेकिन सवाल अब भी बरकरार है— क्या कॉलेज कैंपस अब छात्रों के लिए सुरक्षित है? क्या किसी अपराधी प्रवृत्ति के छात्र को 'गैंग' चलाने की छूट कैंपस के भीतर कैसे मिली? देखते रहिए  बेबाक 24', हम दिखाएंगे वो जो छिपाया जाएगा! 




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