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GST के 'ठग्स' का खेल खत्म: 100 करोड़ की सेंध लगाने वाला मास्टरमाइंड पुणे से ढेर!

by on | 2026-03-23 14:05:26

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GST के 'ठग्स' का खेल खत्म: 100 करोड़ की सेंध लगाने वाला मास्टरमाइंड पुणे से ढेर!

लखनऊ/पुणे: सरकार की तिजोरी में छेद करने वाले सफेदपोश लुटेरों पर कानून का शिकंजा कस गया है। फर्जी इनवॉइस और कागजी कंपनियों के दम पर 100 करोड़ रुपये डकारने वाले अंतर्राज्यीय रैकेट के बड़े खिलाड़ी केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली को एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे (विमान नगर) से दबोच लिया है। 22 मार्च की सुबह जब दुनिया जाग रही थी, तब पुलिस इस 'जीएसटी चोर' की कुंडली खंगाल रही थी।

कैसे होता था सरकारी खजाने का 'चीरहरण'?

​यह कोई मामूली चोरी नहीं, बल्कि डिजिटल दौर का संगठित अपराध है। इस गिरोह का तरीका किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था:

  • बोगस फर्मों का जाल: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दर्जनों कंपनियां खड़ी की गईं जिनका जमीन पर कोई वजूद नहीं था।
  • व्हाट्सएप पर 'डील': असली फर्मों से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर माल और कीमत की डिटेल ली जाती थी।
  • हवा में ई-वे बिल: बिना किसी माल की डिलीवरी के, सिर्फ कागजों पर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जनरेट किए जाते थे।
  • ITC का काला धंधा: इन फर्जी बिलों के जरिए असली कंपनियों को Input Tax Credit (ITC) बेचा जाता था, जिससे सरकार को मिलने वाला टैक्स जीरो हो जाता और मास्टरमाइंड की जेब भरती।

डिजिटल शातिर: मोबाइल में छुपा था फ्रॉड का समंदर

​पकड़े गए आरोपी के पास से जो बरामद हुआ है, वह इस बात का सबूत है कि यह गिरोह कितना हाईटेक था:

  1. 15+ एक्टिव ईमेल आईडी: जिनसे फर्जी रजिस्ट्रेशन और बैंक OTP मैनेज होते थे।
  2. लॉगिन आईडी-पासवर्ड का भंडार: दर्जनों फर्मों का कंट्रोल रिमोट की तरह आरोपी के पास था।
  3. बरामदगी: 02 लैपटॉप, 02 मोबाइल और पासपोर्ट। (तैयारी शायद देश छोड़ने की भी थी!)

देशभर में फैला था 'मकड़जाल'

​यह गिरोह सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं था। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक (बेंगलुरु) और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इनका नेटवर्क फैला था। लखनऊ की आराध्या एंटरप्राइजेज, एसएम ट्रेडर्स और राठौड़ एंटरप्राइजेज जैसी फर्में सिर्फ कागजों पर चल रही थीं।

दो बेबाक की सीधी बात: > सवाल यह है कि सिस्टम की नाक के नीचे इतनी फर्में कैसे रजिस्टर हो गईं? क्या केवल एक 'अब्बास' के पकड़े जाने से यह खेल रुकेगा या उन असली फर्मों पर भी चाबुक चलेगा जिन्होंने टैक्स बचाने के लिए इन चोरों का साथ दिया?


अगली कार्रवाई:

आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है। इंदिरा नगर थाने में मुकदमा दर्ज है और अब उन 'सफेदपोशों' की बारी है जो इस रैकेट के पर्दे के पीछे असली मलाई खा रहे थे।



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