ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

गाजीपुर में 'मौत के अड्डों' पर स्वास्थ्य विभाग का हंटर: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे दो और हॉस्पिटल सीज, नीम हकीमों के भरोसे हो रहे थे ऑपरेशन

by on | 2026-03-20 19:57:21

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3033


गाजीपुर में 'मौत के अड्डों' पर स्वास्थ्य विभाग का हंटर: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे दो और हॉस्पिटल सीज, नीम हकीमों के भरोसे हो रहे थे ऑपरेशन

गाजीपुर। जनपद के देवकली ब्लॉक में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे 'झोलाछाप' अस्पतालों पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग का भारी चाबुक चला है। एडिशनल सीएमओ डॉ. रामकुमार और डॉ. जे.एन. सिंह की संयुक्त टीम ने जब छापेमारी की, तो जो मंजर सामने आया उसने विभाग के भी होश उड़ा दिए। बिना रजिस्ट्रेशन और बिना मानक के संचालित हो रहे इन अस्पतालों में मरीजों को बेड पर लिटाकर उनके शरीर के साथ 'जुगाड़ू' ऑपरेशन किए जा रहे थे।

आयुष्मान हॉस्पिटल: रजिस्ट्रेशन का पता नहीं, 5 मरीजों का कर दिया ऑपरेशन

​नंदगंज स्थित 'आयुष्मान हॉस्पिटल' में टीम पहुंची तो वहां बदइंतजामी का अंबार मिला। अस्पताल के पास संचालन का कोई वैध कागज नहीं था, लेकिन वहां 5 मरीजों का ऑपरेशन कर उन्हें भर्ती किया गया था।

  • ​रेवसा करंडा की प्रेमा देवी का मसबीरी का ऑपरेशन।
  • ​जमालपुर की चनता देवी की बच्चेदानी का ऑपरेशन।
  • ​रेवसा करंडा की प्रीती का सिजेरियन डिलीवरी।
  • ​रामपुर मांझा की ज्योती की नॉर्मल डिलीवरी।
  • ​कुसुमही खुर्द की सुमन यादव (ब्लड प्रेशर की मरीज)।

​हैरानी की बात यह है कि ये सभी ऑपरेशन किसी विशेषज्ञ के बजाय 'नीम हकीमों' के भरोसे किए जा रहे थे।

शिव हॉस्पिटल: न डॉक्टर मिला, न मानक

​बरहपुर स्थित 'शिव हॉस्पिटल' का हाल भी इससे जुदा नहीं था। यहाँ भी न तो रजिस्ट्रेशन मिला और न ही कोई पोस्ट ऑपरेटिव डॉक्टर। मौके पर 3 महिलाएं ऑपरेशन के बाद एडमिट मिलीं:

  • ​कुसुमही खुर्द की निर्मला देवी (पथरी का ऑपरेशन)।
  • ​वयेपुर देवकली की नीतू देवी और चोचकपुर की प्रियंका देवी (दोनों का सिजेरियन ऑपरेशन)।

एक्शन मोड में विभाग: झोलाछापों में मचा हड़कंप

​नोडल अधिकारी डॉ. राम कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए दोनों अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बता दें कि दो दिन पहले ही कासिमाबाद के 'रुद्राक्ष हॉस्पिटल' पर FIR दर्ज कर उसे सीज किया गया था। स्वास्थ्य विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध क्लीनिक और फर्जी अस्पताल संचालकों के पसीने छूट रहे हैं।

बेबाक टिप्पणी:

​सवाल यह है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे ये 'कसाईखाने' इतने दिनों से कैसे फल-फूल रहे थे? क्या विभाग को तब होश आता है जब किसी की जान चली जाती है? महज अस्पताल सीज करना काफी नहीं है, इन संचालकों और फर्जी डॉक्टरों को जेल की सलाखों के पीछे भेजना जरूरी है ताकि मासूमों की जिंदगी दांव पर न लगे।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment