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वाराणसी STF के गले में फंसा 'झोटा', अब होगा एनकाउंटर का 'पोस्टमॉर्टम', मजिस्ट्रेट जांच शुरू!

by on | 2026-03-16 22:41:29

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वाराणसी STF के गले में फंसा 'झोटा', अब होगा एनकाउंटर का 'पोस्टमॉर्टम', मजिस्ट्रेट जांच शुरू!


वाराणसी: खाकी की पिस्टल से निकली गोली और मौके पर ढेर अपराधी... अक्सर पुलिस की कहानी यहीं 'द एंड' हो जाती है। लेकिन कानून की किताब में पन्ने अभी और भी हैं। चौबेपुर के सीवों अंडरपास के पास हुए उस सनसनीखेज STF एनकाउंटर की अब मैजिस्टीरियल जांच की आंच शुरू हो चुकी है। सवाल साख का है और निष्पक्षता का भी, इसीलिए जांच की कमान सौंपी गई है राजातालाब के तेज-तर्रार एसडीएम शान्तुन कुमार सिनसिनवार को।
​क्या दबा रह जाएगा सच या खुलेगी पोल?
​याद करिए 4 फरवरी 2026 की वह काली रात, जब सीवों के अंडरपास के पास गोलियों की तड़तड़ाहट ने पूरे इलाके की नींद उड़ा दी थी। STF का सीधा दावा था कि गाजीपुर का इनामी बदमाश बनारसी यादव उर्फ झोटा यादव सरेंडर के बजाय पुलिस पर गोलियां बरसा रहा था। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा का 'लाइसेंस' इस्तेमाल किया और झोटा यादव को ढेर कर दिया। अस्पताल पहुँचते-पूँचते झोटा की कहानी खत्म हो चुकी थी, लेकिन एनकाउंटर की कहानी पर सवाल अब भी जिंदा हैं।
​साहब के दरबार में खुला है रास्ता: गवाह हैं तो सामने आएं!
​प्रशासन अब इस एनकाउंटर की 'क्रोनोलॉजी' को खंगालने की तैयारी में है। अगर आप उस रात के चश्मदीद हैं या आपके पास इस मुठभेड़ से जुड़ा कोई पुख्ता सबूत या दस्तावेज है, तो प्रशासन ने आपको मौका दिया है:
​अंतिम तारीख: 30 मार्च 2026 तक का समय है।
​पता: एसडीएम राजातालाब का न्यायालय।
​प्रक्रिया: आप लिखित पर्चा लेकर जाइए या खुद अपनी जुबान से गवाही दर्ज कराइए।
​बेबाक राय:
​पुलिस की थ्योरी सही थी या एनकाउंटर की स्क्रिप्ट में कोई झोल है? यह अब कागजों और गवाहों की गवाही तय करेगी। प्रशासन 'निष्पक्ष जांच' का ढिंढोरा तो पीट रहा है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या रसूखदार महकमों के खिलाफ कोई आम आदमी गवाही देने की हिम्मत जुटा पाएगा? वक्त कम है और सवाल बड़े!



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