ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

मुहम्मदाबाद में 'तेल' के खेल और गैस की कालाबाजारी पर SDM का हंटर, सहमे 'सिंडिकेट' के आका!

by on | 2026-03-14 22:44:54

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3294


 मुहम्मदाबाद में 'तेल' के खेल और गैस की कालाबाजारी पर SDM का हंटर, सहमे 'सिंडिकेट' के आका!

मुहम्मदाबाद (गाजीपुर): कलम  जब बेबाक चलती है, तो सिस्टम के बंद दरवाजों के पीछे छिपे सफेदपोशों के भी पसीने छूट जाते हैं। मुहम्मदाबाद क्षेत्र में एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी के जरिए चांदी काटने वाले सिंडिकेट की अब खैर नहीं है। बेबाक 24 की खबर का असर हुआ कि प्रशासन की नींद टूटी और तंत्र सीधे एक्शन मोड में आ गया। उपजिलाधिकारी (SDM) डॉ. हर्षिता तिवारी ने शनिवार को गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप संचालकों की जमकर क्लास ली और दो टूक चेतावनी दी— "सुधर जाओ, वरना सलाखें तैयार हैं!"
​बेबाक 24 की खबर का असर: 'अखंड' साम्राज्य में खलबली
​गौरतलब है कि मुहम्मदाबाद में गैस की कालाबाजारी और अवैध खेल को बेबाक 24 ने पूरी प्रमुखता के साथ उजागर किया था। खबर के वायरल होते ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई, जिसका नतीजा शनिवार को हुई इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के रूप में सामने आया।
​सूत्रों की मानें तो बैठक के दौरान 'अंसारी गैंग' के बेनामी साम्राज्य के कथित सारथी और खास एजेंसी संचालक अखंड प्रताप राय के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं। जो शख्स कल तक व्यवस्था को ठेंगे पर रख रहा था, आज वह प्रशासन की सख्ती के आगे 'छत' ताकता नजर आया।
​SDM की दो टूक: कालाबाजारी की तो खैर नहीं!
​समीक्षा बैठक में डॉ. हर्षिता तिवारी ने कड़े लहजे में कहा कि ईंधन की आपूर्ति और वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए:
​स्टॉक छिपाया तो नपेंगे: गैस और पेट्रोल की कृत्रिम कमी दिखाकर जनता को परेशान करने वालों पर सीधे FIR दर्ज होगी।
​निगरानी का सख्त घेरा: अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर डिपो और पंप की पल-पल की रिपोर्ट लें।
​अफवाहों पर लगाम: जनता पैनिक न हो, ईंधन का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना अब संचालकों की सीधी जिम्मेदारी है।
​बैठक में 'खास' चेहरों की मौजूदगी
​इस हाई-प्रोफाइल बैठक में क्षेत्राधिकारी (CO) सुधाकर पांडेय, नायब तहसीलदार नीतीश शाहनी और प्रवीण गुप्ता समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस और प्रशासन के सख्त तेवरों ने यह साफ संदेश दे दिया है कि अब 'ऊपर' की कोई भी 'सेटिंग' काम नहीं आने वाली।
​बेबाक टिप्पणी:
प्रशासन जाग तो गया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सख्ती सिर्फ कागजों और बैठकों तक ही सीमित रहेगी? क्या अखंड राय जैसे रसूखदारों पर वास्तव में नकेल कसी जाएगी या फिर कुछ दिनों बाद यह काला खेल फिर से शुरू हो जाएगा? बेबाक 24 की पैनी नजर इस सिंडिकेट के हर दांव पर टिकी हुई है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment