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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, कोर्ट ने लगाया 56 हजार का जुर्माना

by on | 2026-02-27 21:40:49

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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, कोर्ट ने लगाया 56 हजार का जुर्माना

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद की एक विशेष अदालत ने साढ़े सात वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित वीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को दोषी राज पांडेय उर्फ राजा को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

जुर्माने की राशि से पीड़िता को मिलेगी आर्थिक मदद

​न्यायालय ने दोषी पर 56 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की अदायगी न करने की स्थिति में दोषी को 2 माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि:

  • ​जुर्माने की कुल धनराशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे।
  • ​दोषी द्वारा जेल में बिताई गई पूर्व की अवधि को मुख्य सजा में समायोजित (समाहित) किया जाएगा।

क्या था पूरा मामला?

​अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 23 अगस्त 2018 की है। रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि चोपन थाना क्षेत्र के रजधन निवासी राज पांडेय उर्फ राजा उसकी 16 वर्षीय दलित नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर बाइक से चुर्क के जंगलों में ले गया था। वहाँ आरोपी ने किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी ने पीड़िता को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की, मारपीट की और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

कानूनी कार्यवाही और गवाही

​मामले की गंभीरता को देखते हुए रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय में दुष्कर्म, एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।

​"अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, कुल 9 गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद 30 वर्षीय राज पांडेय को दोषी करार दिया।"


​अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी ढंग से पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप दोषी को सलाखों के पीछे भेजा गया।



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